मित्रों,
सभी को दीवाली की हार्दिक शुभ कामनाएं...दीपकों के प्रकाश से आपकी राह का अंधकार दूर हो..भविष्य उज्जवल हो, यही कामना है.
कुछ समय पूर्व मैने एक सूचना पोस्ट की थी. कुछ लखनऊ के काम ऐसे रहे जिसके चलते हर महीने लखनऊ के चक्कर लगते रहे और मेरी मां को भी दोबारा फ्रैक्चर हो गया था. मेरी भी बैक में प्राब्लम रही. इस वजह से मैं दोबारा आपसे बात नहीं कर पाई. उस सूचना को लेकर कुछ सुझाव आए थे और कुछ मित्रों और वरिष्ठों से बात भी हुई. उनका सुझाव है कि पुस्तक में दिसम्बर तक की रचनाएं ली जानी चाहिए. इसीलिए अब दिसम्बर की रचनाओं से ही रचनाएं चुनी जाएंगीं. पुस्तक का नाम में भी सुझाव आया है सफर....या आपके पास बेहतर नाम हो तो सुझाव दीजिए...यह काव्य संकलन आपका अपना होगा. हमारे ब्लॉग जगत में बहुत से ऐसे बेहतरीन रचनाकार हैं जिनकी रचनाएं वास्तव में दिल को छूती हैं. नए रचनाकारों में भी प्रतिभावान हैं. बहुत से वो रचनाकार है जिनके लिए अपनी स्वयं की किताब छपवाना आसान नहीं होगा, हम चाहते हैं उन्हें एक प्लेटफार्म मिले और 2012 के दस्तावेज के रूप में यह काव्य संकलन हाथ में हो. जिनके मेल आ चुके हैं हम उनसे शीघ्र ही संपर्क करेंगे और जो भी शामिल होना चाहते हैं वो मुझे मेल आई डी और ब्लॉग लिंक जरूर मेल कर दें...मैं खुद भी अच्छे रचनाकारों की तलाश करूंगी. आपसे भी अनुरोध है कि ऐसे रचनाकारों के विषय में जानकारी दें.. जिससे काम शुरू कर सकूं...आपका सहयोग अपेक्षित है. मैं अपनी लम्बी कविताओं की किताब पर भी काम कर रही हूं...साथ ही अब इस पर भी काम शुरु करना चाहती हूं...विस्तार नीचे है....
कहानी ब्लॉग--
3000 शब्द की कहानी के लिए-- 5000 रु.
5000 ....................................... 7500...
6500......................................... 9000...
8000 तक के शब्दों की कहानी.....12000...
कविता ब्लॉग--
5 रचनाएं.............6000 रु.
6 से 10 रचनाएं.....9000...
इसमें आपको 25 प्रतियां दी जाएंगी.
जब रचनाओं का कार्य पूरा हो जाएगा तब आपको रुपयों के लिए सूचित कर दिया जाएगा. उसके बाद जो रायल्टी मिलेगी वो सभी रचनाकारों में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी.
6 टिप्पणियां:
अच्छा प्रयास है!
भइयादूज की हार्दिक शुभकामनाएँ!
सुन्दर प्रयास, शुभकामनायें..
अच्छा प्रयास है,प्रयास सफल हो शुभकामनाएँ..:-)
शुभकामनायें..!!
मैं भी शामिल होना चाहती हूं
क्या जरूरी है कि ब्लाग पर ही कविताएं पोस्ट हों..जो पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हों क्या वो नहीं छप सकतीं...
main bhi shamil hona chati hoon...
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