गुरुवार, 25 जुलाई 2013

तमन्ना के रेगिस्तान...

तमन्ना के रेगिस्तान में उड़ते हैं रेत के बादल
गुबारों के बवंडर में मैं अब फंसना नहीं चाहत

ग़में इश्क ने सोखा है मेरे जज्बात का चश्मा
हसरतों के झरने में मैं अब बहना नहीं चाह
ती

सोमवार, 22 जुलाई 2013

पॉलिथीन विरोधी अभियान....

कल पॉलिथीन विरोधी अभियान के तहत चांदनी चैक स्थित हरि राम और लक्ष्मी गणेश अपार्टमेंट में गई और वहां सारे घरों से पॉलिथीन एकत्र किये. फिर शपथ ली कि आगे से पॉलिथीन का प्रयोग नहीं करेंगे... (




मंगलवार, 16 जुलाई 2013

बादलों का एक भी टुकड़ा...

बादलों का एक भी टुकड़ा
नहीं बचा आंखों में
सावन-भादों में बनाए बांधों के द्वार
खोल दिये हैं मैने
अंतर में बसी भागीरथी
विलुप्त हो गई है सरस्वती-सी
पंछियों ने भी ढूंढ लिया है नया बसेरा
शाखों से पत्ते रिस रहे हैं रेत की तरह
सूखे पत्तों से नहीं लिख पाऊंगी
तुम्हारा नाम
तुम्हारी नमी खो चुकी है
समय की भट्ठी में
तुम अब
सुलग रहे हो मेरे दिल में
मेरी ही सांसें बनकर