मत बनाओ गगन का चांद
मैं
चाहती हूं
धरा पर रहना
तुम्हारे साथ
जीवन भर
अंतिम समय तक
मुझे मत बनाओ
गगन का चांद
रहने दो
गगन का चांद
रहने दो
अपनी बाहों में
देवी समझकर
मत अर्पण करो
देवी समझकर
मत अर्पण करो
पुष्प
मेरे कदमों पर
लगा दो
मेरे कदमों पर
लगा दो
एक कली
मेरे बालों में
खिल जाने दो मुझे
फूल बनकर
मेरे बालों में
खिल जाने दो मुझे
फूल बनकर
वीना श्रीवास्तव
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