घुटन भरी थी वो रात
जिसने छेड़ी तेरी बात
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
जिसने छेड़ी तेरी बात
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
92 टिप्पणियां:
खूबसूरत अभिव्यक्ति
कुछ यादें ऐसी ही होती हैं ...
बहुत कुछ आती है याद
जब आती ,बरसात की रात |
खूबसूरत!
yado ka khoobsoorati fra byan
dil ko chhu liya bhawon ne
लाजवाब....
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
bahut sunder likhaa hai...di
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
लाजवाब लिखा है आपने.
सादर
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
बरसात तो होती ही ऐसी है...
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात ...
बहुत दिनों बाद कुछ लिखा है आपने ... बहुत ही मनमोहक ... सादा और भाव मेय ....
एक अच्छे मर्म की अभिव्यक्ति है.
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात...
बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति..आभार
बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति...
पापा, हो सके तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा...
छोटी बहर की बहुत सुन्दर ग़ज़ल लिखी है आपने!
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आयेगी बरसात
.........................कोमल भाव
.......................सुन्दर रचना
सुन्दर और लाजबाव ।
बेहद सादगी से सजी और सँभरी गजल के लिए बीना जी आभार ।
कल 20/06/2011को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की गयी है-
आपके विचारों का स्वागत है .
धन्यवाद
नयी-पुरानी हलचल
चंदा को भी तरसेगी और प्यास भी बढायेगी । जिसने तेरी बात छेडी वह घुटन भरी रात थी।
तेरी बातें ही सुनाने आये
दोस्त भी दिल ही दुखाने आये
बरसात आई तो ऐसा लगा
तेरे आने के जमाने आये
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
छोटी बह्र में अच्छे शेर कहे हैं आपने. ग़ज़ल अच्छी लगी
बेहद खूबसूरत रचना...
खूबसूरत अभिव्यक्ति.
कम शब्दों में अधिक कह जाना कोई आपसे सीखे वीणा जी...... सुन्दर अभिव्यक्ति.
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
sach kaha ,
Waah...
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात.
मन की यादों की गठरी खोल डाली आपने. बहुत सुंदर लिखा है.
स्मृतियाँ टटोलती हैं।
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (20-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com/
sundar
छोटी बहर की लाजवाब गजल,आप तो इसमें भी माहिर निकलीं वीना जी...
खूबसूरत...
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
सच है गुजरे पल यादों में सिमटकर रह जाते हैं...
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
kya baat hai!
प्रभावशाली अभिव्यक्ति ...
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
Khoob Kaha....Bahut Sunder Panktiyan
खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति बहुत मनमोहक रचना !
खूबसूरत अभिव्यक्ति
bahut sundar
रहे हमेशा हरदम प्यास |
पर बरसात बढाये ख़ास ||
संगीता जी, रजनीश जी, अशोक जी,दिलबाग जी, रश्मि जी, आस्था जी,विजय जी, यशवंत जी, पूजा जी,दिगम्बर जी, विजय जी, कैलाश जी,शेखर जी, डा. शास्त्री जी आप सबका तदे दिल से शुक्रिया...
सुरेश जी, ब्रज मोहन जी, डा.अशोक,देवेंद्र जी, लोकेश जी, कुसुमेश जी, सुबीर जी, डा. अनवर, रचना जी,प्रवीण जी, वंदना जी,मनोज जी आप सभी का धन्यवाद और आभार....
चिराग जी, राधा जी,शालू जी, क्रिएटिव मंच,प्रीति, डा. मोनिका,संजय भास्कर जी, संजय़ चौरसिया जी,एना जी रविकर जी आप सबका भी दिल से धन्यवाद...
बरसात का समां और प्रिय का साथ.....वाह....शानदार|
खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....
खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....
वीणा जी, आपके सुर बड़े कोमल और आकर्षक लगे। तात्पर्य यह कि आपका गीत
बहुत ही सुन्दर और कोमल है। सुन्दर शब्द-योजना है।
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
man ke bhaavo ko sunder shabd diye hain.
विरह का सजीव और सजल चित्रण!!
bhut bhut khubsurat rachna....
गागर में सागर की तरह न्यूनतम शब्दों में अधिकतम भावनाओं की सुंदर प्रस्तुति.
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
क्या बात है...
मन को छू लेनेवाली ग़ज़ल.
वीना जी बहुत ही सुंदर गज़ल बधाई और शुभकामनाएं |
यादें जब तीव्रतम वेग से उपस्थित होती हैं तो ऐसी ही सुन्दर रचना जन्म लेती है।
thanks veena for visits my blog
aate rahiye
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
WAAAAAAAAH!
BARSAAT TO MANN KI PYAS BADHAATI HI JAYEGI!!!
khoobsoorat rachna....
खुबसुरत रचना।
प्रेम पगी अभिव्यक्ति . आभार .
सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ शानदार रचना लिखा है आपने! बेहतरीन प्रस्तुती!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/
वाह ....
वियोगजन्य पीड़ा को मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति दी है आपने...
बहुत ही सुन्दर रचना..
यादें जब आती हैं बहुत कुछ साथ लाती हैं ।
सुंदर रचना ।
achchi rachna veena ji.....is se pahli pita ko samarpit rachna bhi bhavpoorn hai....sadhuwad swikaren....
बहुत दिनों के बाद आपकी रचना पढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ,रचना पढ़ कर ह्रदय पुलकित हो उठा,
आपकी रचना से प्रभावित हो कर दो पंक्तियाँ लिख रहा हूँ,
घर क्या बनाया उसने मस्जिद के सामने,
चाहत ने उसकी हमें रोज का नमाजी बना दिया..
बेह्तरीन रचना ! बधाई !
बारिश की नन्हीं बूँदों सी नन्हीं सी खूबसूरत गज़ल.
बहुत सुन्दर ग़ज़लिका!
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
बेहद खूबसूरत
BAHUT ACCHA
सुन्दर जज्बाती ग़ज़ल.
मानसून को देख माहौल बना दिया आपने भी।
सुंदर गज़ल ...सुंदर अभिव्यक्ति....
आसान शब्द, सुंदर भाव। बहुत बढिया।
खूबसूरत अभिव्यक्ति...
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात..
बहुत ही ह्रदय स्पर्शी रचना ....
वीना जी शुभकामनाएं ...
वाह बहुत बढिया इसी पर एक शेर
कितनी थी वो प्यारी रात
तेरे साथ गुजारी रात
परदेस गये ना लौटे
तडपे अब बनजारी रात
जल्दी मे लिखे। सुन्दर गज़ल बधाई।
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
bahut khoobsoorat bhav....
antim pankti bhi behtreen lagi...
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
-बहुत सुन्दर शेर!
नई रचना की प्रतीक्षा .
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
यह प्यारी रचना अपनी सरलता के साथ,अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब है !
शुभकामनायें !
baht khubsurat abhivyakti
veena ji
kya baat hai ---;)
beintaha khoobsurati pradan ki hai aapne apni rachna ko.har shabd mano dil se nikal kar fut pade hain .
bahut bahut badhai
poonam
Kya bat hi ...
sach me man ki pyas badha gai ye rachna.
bahut hi ummda likhate rahiye...
der se ane ke liye mazrat chahunga.
बेहतरीन पेशकश
यादों का सुंदर कोलाज।
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तांत्रिक शल्य चिकित्सा!
…ये ब्लॉगिंग की ताकत है...।
किधर से शुरू करून, किधर से ख़तम करून |
जिन्दगी का फ़साना, कैसे तेरी नज़र करून |
है ख्याल जिन्दगी का, कैसे मुनव्वर करून |
मगरिब के जानिब खड़ा, कैसे तसव्वुर करून |
वीना जी प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति -काश ऐसा हो जाये -तो रोज रोज हम कानों में जहर घोलने वाली ख़बरें न पढ़ते -
शुक्ल भ्रमर ५
भ्रमर का दर्द और दर्पण
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
वीणा के सुरों की सुन्दर बरसात है यह तो.
प्यास तो बढ़नी ही है.
सुन्दर प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत आभार,वीना जी
मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
बेहतरीन !
चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
बहुत भाव पूर्ण कोमल कब्यांजलि....
शुभकामनाएं !!!
bahut sundar Veena ji .aabhar
घुटन भरी थी वो रात
जिसने छेड़ी तेरी बात
मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात
मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
वीना जी बहुत ही प्यारा सा गीत बधाई |
बहुत अच्छी कविता है।
sachmuch yadon ki bahut khubsurat shakl!!!
Kuchh yaad dila gai.. aapki rachna bahut acchhi lagi.. aabhar..
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