रविवार, 19 जून 2011

तेरी बात.........वीना

घुटन भरी थी वो रात
जिसने छेड़ी तेरी बात


मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात


मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात


चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात


मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

92 टिप्‍पणियां:

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति

रजनीश तिवारी ने कहा…

कुछ यादें ऐसी ही होती हैं ...

अशोक सलूजा ने कहा…

बहुत कुछ आती है याद
जब आती ,बरसात की रात |

खूबसूरत!

डॉ. दिलबागसिंह विर्क ने कहा…

yado ka khoobsoorati fra byan

रश्मि प्रभा... ने कहा…

dil ko chhu liya bhawon ne

aastha ने कहा…

लाजवाब....

vijay ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात

bahut sunder likhaa hai...di

Yashwant R. B. Mathur ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

लाजवाब लिखा है आपने.

सादर

बेनामी ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

बरसात तो होती ही ऐसी है...

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात ...

बहुत दिनों बाद कुछ लिखा है आपने ... बहुत ही मनमोहक ... सादा और भाव मेय ....

vijai Rajbali Mathur ने कहा…

एक अच्छे मर्म की अभिव्यक्ति है.

Kailash Sharma ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात...

बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति..आभार

Shekhar Suman ने कहा…

बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति...
पापा, हो सके तो मुझे माफ़ कर दीजियेगा...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

छोटी बहर की बहुत सुन्दर ग़ज़ल लिखी है आपने!

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आयेगी बरसात
.........................कोमल भाव
.......................सुन्दर रचना

DR.ASHOK KUMAR ने कहा…

सुन्दर और लाजबाव ।

बेहद सादगी से सजी और सँभरी गजल के लिए बीना जी आभार ।

Yashwant R. B. Mathur ने कहा…

कल 20/06/2011को आपकी एक पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की गयी है-
आपके विचारों का स्वागत है .
धन्यवाद
नयी-पुरानी हलचल

BrijmohanShrivastava ने कहा…

चंदा को भी तरसेगी और प्यास भी बढायेगी । जिसने तेरी बात छेडी वह घुटन भरी रात थी।

तेरी बातें ही सुनाने आये
दोस्त भी दिल ही दुखाने आये
बरसात आई तो ऐसा लगा
तेरे आने के जमाने आये

devendra gautam ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

छोटी बह्र में अच्छे शेर कहे हैं आपने. ग़ज़ल अच्छी लगी

लोकेन्द्र सिंह ने कहा…

बेहद खूबसूरत रचना...

Kunwar Kusumesh ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति.

शूरवीर रावत ने कहा…

कम शब्दों में अधिक कह जाना कोई आपसे सीखे वीणा जी...... सुन्दर अभिव्यक्ति.

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

sach kaha ,

Waah...

रचना दीक्षित ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात.

मन की यादों की गठरी खोल डाली आपने. बहुत सुंदर लिखा है.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

स्मृतियाँ टटोलती हैं।

vandana gupta ने कहा…

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (20-6-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

बेनामी ने कहा…

sundar

radha ने कहा…

छोटी बहर की लाजवाब गजल,आप तो इसमें भी माहिर निकलीं वीना जी...
खूबसूरत...

shalusri ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात

सच है गुजरे पल यादों में सिमटकर रह जाते हैं...

Creative Manch ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

kya baat hai!

Prity ने कहा…

प्रभावशाली अभिव्यक्ति ...

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात

Khoob Kaha....Bahut Sunder Panktiyan

संजय भास्‍कर ने कहा…

खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति बहुत मनमोहक रचना !

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति

Anamikaghatak ने कहा…

bahut sundar

रविकर ने कहा…

रहे हमेशा हरदम प्यास |
पर बरसात बढाये ख़ास ||

वीना श्रीवास्तव ने कहा…

संगीता जी, रजनीश जी, अशोक जी,दिलबाग जी, रश्मि जी, आस्था जी,विजय जी, यशवंत जी, पूजा जी,दिगम्बर जी, विजय जी, कैलाश जी,शेखर जी, डा. शास्त्री जी आप सबका तदे दिल से शुक्रिया...

वीना श्रीवास्तव ने कहा…

सुरेश जी, ब्रज मोहन जी, डा.अशोक,देवेंद्र जी, लोकेश जी, कुसुमेश जी, सुबीर जी, डा. अनवर, रचना जी,प्रवीण जी, वंदना जी,मनोज जी आप सभी का धन्यवाद और आभार....

वीना श्रीवास्तव ने कहा…

चिराग जी, राधा जी,शालू जी, क्रिएटिव मंच,प्रीति, डा. मोनिका,संजय भास्कर जी, संजय़ चौरसिया जी,एना जी रविकर जी आप सबका भी दिल से धन्यवाद...

बेनामी ने कहा…

बरसात का समां और प्रिय का साथ.....वाह....शानदार|

Maheshwari kaneri ने कहा…

खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....

Maheshwari kaneri ने कहा…

खूबसूरत रचना बहुत सुंदर अभिव्यक्ति ....

आचार्य परशुराम राय ने कहा…

वीणा जी, आपके सुर बड़े कोमल और आकर्षक लगे। तात्पर्य यह कि आपका गीत
बहुत ही सुन्दर और कोमल है। सुन्दर शब्द-योजना है।

अनामिका की सदायें ...... ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

man ke bhaavo ko sunder shabd diye hain.

चला बिहारी ब्लॉगर बनने ने कहा…

विरह का सजीव और सजल चित्रण!!

आहुति ने कहा…

bhut bhut khubsurat rachna....

Swarajya karun ने कहा…

गागर में सागर की तरह न्यूनतम शब्दों में अधिकतम भावनाओं की सुंदर प्रस्तुति.

Vaanbhatt ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

क्या बात है...

संतोष पाण्डेय ने कहा…

मन को छू लेनेवाली ग़ज़ल.

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

वीना जी बहुत ही सुंदर गज़ल बधाई और शुभकामनाएं |

ZEAL ने कहा…

यादें जब तीव्रतम वेग से उपस्थित होती हैं तो ऐसी ही सुन्दर रचना जन्म लेती है।

upendra shukla ने कहा…

thanks veena for visits my blog
aate rahiye

CS Devendra K Sharma "Man without Brain" ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

WAAAAAAAAH!

BARSAAT TO MANN KI PYAS BADHAATI HI JAYEGI!!!

khoobsoorat rachna....

Amit Chandra ने कहा…

खुबसुरत रचना।

ashish ने कहा…

प्रेम पगी अभिव्यक्ति . आभार .

Urmi ने कहा…

सुन्दर भाव और अभिव्यक्ति के साथ शानदार रचना लिखा है आपने! बेहतरीन प्रस्तुती!
मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://seawave-babli.blogspot.com/

रंजना ने कहा…

वाह ....

वियोगजन्य पीड़ा को मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति दी है आपने...

बहुत ही सुन्दर रचना..

Asha Joglekar ने कहा…

यादें जब आती हैं बहुत कुछ साथ लाती हैं ।
सुंदर रचना ।

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

achchi rachna veena ji.....is se pahli pita ko samarpit rachna bhi bhavpoorn hai....sadhuwad swikaren....

राजेंद्र अवस्थी. ने कहा…

बहुत दिनों के बाद आपकी रचना पढ़ने का सुअवसर प्राप्त हुआ,रचना पढ़ कर ह्रदय पुलकित हो उठा,
आपकी रचना से प्रभावित हो कर दो पंक्तियाँ लिख रहा हूँ,
घर क्या बनाया उसने मस्जिद के सामने,
चाहत ने उसकी हमें रोज का नमाजी बना दिया..

Vivek Mishrs ने कहा…

बेह्तरीन रचना ! बधाई !

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

बारिश की नन्हीं बूँदों सी नन्हीं सी खूबसूरत गज़ल.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर ग़ज़लिका!

M VERMA ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात
बेहद खूबसूरत

upendra shukla ने कहा…

BAHUT ACCHA

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) ने कहा…

सुन्दर जज्बाती ग़ज़ल.

कुमार राधारमण ने कहा…

मानसून को देख माहौल बना दिया आपने भी।

Dr Varsha Singh ने कहा…

सुंदर गज़ल ...सुंदर अभिव्यक्ति....

महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा…

आसान शब्द, सुंदर भाव। बहुत बढिया।

Sushil Bakliwal ने कहा…

खूबसूरत अभिव्यक्ति...

Unknown ने कहा…

चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात..
बहुत ही ह्रदय स्पर्शी रचना ....
वीना जी शुभकामनाएं ...

निर्मला कपिला ने कहा…

वाह बहुत बढिया इसी पर एक शेर
कितनी थी वो प्यारी रात
तेरे साथ गुजारी रात
परदेस गये ना लौटे
तडपे अब बनजारी रात
जल्दी मे लिखे। सुन्दर गज़ल बधाई।

CS Devendra K Sharma "Man without Brain" ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

bahut khoobsoorat bhav....

antim pankti bhi behtreen lagi...

Alpana Verma ने कहा…

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
-बहुत सुन्दर शेर!

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

नई रचना की प्रतीक्षा .

Satish Saxena ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Satish Saxena ने कहा…

मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात


यह प्यारी रचना अपनी सरलता के साथ,अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब है !
शुभकामनायें !

somali ने कहा…

baht khubsurat abhivyakti

पूनम श्रीवास्तव ने कहा…

veena ji
kya baat hai ---;)
beintaha khoobsurati pradan ki hai aapne apni rachna ko.har shabd mano dil se nikal kar fut pade hain .
bahut bahut badhai
poonam

Ravi Rajbhar ने कहा…

Kya bat hi ...
sach me man ki pyas badha gai ye rachna.

bahut hi ummda likhate rahiye...
der se ane ke liye mazrat chahunga.

एस एम् मासूम ने कहा…

बेहतरीन पेशकश

Dr. Zakir Ali Rajnish ने कहा…

यादों का सुंदर कोलाज।

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तांत्रिक शल्‍य चिकित्‍सा!
…ये ब्‍लॉगिंग की ताकत है...।

Pappu Parihar Bundelkhandi ने कहा…

किधर से शुरू करून, किधर से ख़तम करून |
जिन्दगी का फ़साना, कैसे तेरी नज़र करून |
है ख्याल जिन्दगी का, कैसे मुनव्वर करून |
मगरिब के जानिब खड़ा, कैसे तसव्वुर करून |

SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR5 ने कहा…

वीना जी प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति -काश ऐसा हो जाये -तो रोज रोज हम कानों में जहर घोलने वाली ख़बरें न पढ़ते -
शुक्ल भ्रमर ५
भ्रमर का दर्द और दर्पण

मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात

Rakesh Kumar ने कहा…

मन की प्यास बढ़ा जाएगी
जब-जब आएगी बरसात

वीणा के सुरों की सुन्दर बरसात है यह तो.
प्यास तो बढ़नी ही है.

सुन्दर प्रस्तुति के लिए बहुत बहुत आभार,वीना जी

मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात

बेहतरीन !

Unknown ने कहा…

चंदा को भी तरसेगी अब
झिलमिल तारों की बारात
बहुत भाव पूर्ण कोमल कब्यांजलि....
शुभकामनाएं !!!

शिखा कौशिक ने कहा…

bahut sundar Veena ji .aabhar

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

घुटन भरी थी वो रात
जिसने छेड़ी तेरी बात


मन की यादों में सिमटे हैं
पल जो साथ बिताए रात


मरते दम तक साथ रहेगी
तेरी चाहत की सौगात
वीना जी बहुत ही प्यारा सा गीत बधाई |

Rajendra Tiwari ने कहा…

बहुत अच्छी कविता है।

Murari Pareek ने कहा…

sachmuch yadon ki bahut khubsurat shakl!!!

Unknown ने कहा…

Kuchh yaad dila gai.. aapki rachna bahut acchhi lagi.. aabhar..