मंगलवार, 28 मई 2013

इसी का नाम जिंदगी है....

इसी का नाम जिंदगी है ये हमेशा एक-सी नहीं रहती
दिन खो जाता है शाम में, रात तक सुबह नहीं पलती

जहां के आगे मिलेंगे और भी जहां, खोजो तो सही
कदम साथ बढ़े साथियों के तो दूरी नहीं खलती

अक्सर थम जाते हैं काफिले कुछ दूर बढ़ने के बाद
रुके हुए कदमों के साथ कभी जिंदगी नहीं चलती

अफसाने बदल जाते हैं हकीकत में समय के साथ
साथ हो तेरी रहनुमाई तो लम्बी डगर नहीं खलती


अफसुर्दा दिलों में कैसे खुशियों की शहनाई बजे
वाबस्तगी से महरूम दामन में जीस्त नहीं पलती

मेरे चांद में मेरे अरमानों की पूरी दुनिया आबाद है

खाली आस्मां के नीचे खाली-सी जिंदगी नहीं पलती

15 टिप्‍पणियां:

Kunwar Kusumesh ने कहा…

बिलकुल सटीक और सही।

Madan Mohan Saxena ने कहा…

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...बेह्तरीन शुभकामनायें.अभिव्यक्ति ...!!

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

जहां के आगे मिलेंगे और भी जहां, खोजो तो सही
कदम साथ बढ़े साथियों के तो दूरी नहीं खलती

Supereb Writing

Ravi Tiwari ने कहा…

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी

बेनामी ने कहा…

सुंदर शब्दों के साथ बेहतरीन अभिव्यक्ति।

अशोक सलूजा ने कहा…

अफसाने बदल जाते हैं हकीकत में समय के साथ
साथ हो तेरी रहनुमाई तो लम्बी डगर नहीं खलती

बहुत सही ओर सटीक.सुंदर .सच्ची और खरी बात |
बधाई ...
स्वस्थ रहें!

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

बहुत सुंदर सटीक अभिव्यक्ति ,,

RECENT POST : बेटियाँ,

Harihar (विकेश कुमार बडोला) ने कहा…

मेरे चांद में मेरे अरमानों की पूरी दुनिया आबाद है
खाली आस्मां के नीचे खाली-सी जिंदगी नहीं पलती.......अच्‍छे भाव। ब्‍लॉग पर दस्‍तक हेतु धन्‍यवाद।

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

अक्सर थम जाते हैं काफिले कुछ दूर बढ़ने के बाद
रुके हुए कदमों के साथ कभी जिंदगी नहीं चलतीbahut badhiya ...

ओंकारनाथ मिश्र ने कहा…

अक्सर थम जाते हैं काफिले कुछ दूर बढ़ने के बाद
रुके हुए कदमों के साथ कभी जिंदगी नहीं चलती


सुन्दर पंक्तियाँ.

Prakash Jain ने कहा…

अक्सर थम जाते हैं काफिले कुछ दूर बढ़ने के बाद
रुके हुए कदमों के साथ कभी जिंदगी नहीं चलती

bahut khoob:-)

प्रसन्नवदन चतुर्वेदी 'अनघ' ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति....बहुत बहुत बधाई...

@मेरी बेटी शाम्भवी का कविता-पाठ

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बहुत सुन्दर खयालात...

अफसाने बदल जाते हैं हकीकत में समय के साथ
साथ हो तेरी रहनुमाई तो लम्बी डगर नहीं खलती

बधाई.

Unknown ने कहा…

सच मेँ आपने जिंदगी का पूरा दर्शन ही भावपूर्ण शब्दोँ मेँ रख दिया है । बधाई ।

अशोक कुमार मिश्र ने कहा…

अफसाने बदल जाते हैं हकीकत में समय के साथ
साथ हो तेरी रहनुमाई तो लम्बी डगर नहीं खलती