गुरुवार, 6 दिसंबर 2012

बिखरी यादें...



समय ने आज
फिर दिखाया दर्पण मुझे
कितना बदल गया है
चेहरा मेरा
वो भाव
वो मासूमियत
वो अल्हड़पन
वो बचपन
कहीं छूट गया पीछे
मैं अभी भी भाग रही थी
उन्हीं संबंधों के पीछे
जिनके सिरे
बंधे हुए थे बचपन से
अकेलेपन के आंगन में
कितना रीता-सा हो गया है जीवन
परछांई बनकर चलने वाले रिश्ते
कहीं गुम हो गए
समय के अंधकार में
वक्त ने कर दिया उन्हें हमसे दूर
या हमारी जरूरतों ने
कर लिया किनारा उनसे
मस्तिष्क के पुस्तकालय में
तरतीब से सजी हैं यादें
लेकिन बिखरी पड़ी हैं वो तस्वीरें
जो बसी थीं आंखों 
मैं नहीं देखना चाहती दर्पण
कैसे ढूंढूंगी
अपने इर्द-गिर्द की तस्वीरें
मैं अकेली रह गई
अपने फोटो फ्रेम में
बचा है तो मेरा रीतापन
कहीं आवाज देता मौन
भीगी हुई यादें
सिसकती रूह

बुधवार, 5 दिसंबर 2012

कवयित्री सम्मेलन की तस्वीरें.....

मित्रों यहां रांची में नेशनल बुक फेयर चल रहा है. कल वहां कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मैने भी कविता पाठ किया. प्रस्तुत है हिंदी दैनिक प्रभात खबर, दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण में छपी खबरें.



गुरुवार, 15 नवंबर 2012


मित्रों,
सभी को दीवाली की हार्दिक शुभ कामनाएं...दीपकों के प्रकाश से आपकी राह का अंधकार दूर हो..भविष्य उज्जवल हो, यही कामना है.
 कुछ समय पूर्व मैने एक सूचना पोस्ट की थी. कुछ लखनऊ के काम ऐसे रहे जिसके चलते हर महीने लखनऊ के चक्कर लगते रहे और मेरी मां को भी दोबारा फ्रैक्चर हो गया था. मेरी भी बैक में प्राब्लम रही. इस वजह से मैं दोबारा आपसे बात नहीं कर पाई. उस सूचना को लेकर कुछ सुझाव आए थे और कुछ मित्रों और वरिष्ठों से बात भी हुई. उनका सुझाव है कि पुस्तक में दिसम्बर तक की रचनाएं ली जानी चाहिए. इसीलिए अब दिसम्बर की रचनाओं से ही रचनाएं चुनी जाएंगीं. पुस्तक का नाम में भी सुझाव आया है सफर....या आपके पास बेहतर नाम हो तो सुझाव दीजिए...यह काव्य संकलन आपका अपना होगा. हमारे ब्लॉग जगत में बहुत से ऐसे बेहतरीन रचनाकार हैं जिनकी रचनाएं वास्तव में दिल को छूती हैं. नए रचनाकारों में भी प्रतिभावान हैं. बहुत से वो रचनाकार है जिनके लिए अपनी स्वयं की किताब छपवाना आसान नहीं होगा, हम चाहते हैं उन्हें एक प्लेटफार्म मिले और 2012 के दस्तावेज के रूप में यह काव्य संकलन हाथ में हो. जिनके मेल आ चुके हैं हम उनसे शीघ्र ही संपर्क करेंगे और जो भी शामिल होना चाहते हैं वो मुझे मेल आई डी और ब्लॉग लिंक जरूर मेल कर दें...मैं खुद भी अच्छे रचनाकारों की तलाश करूंगी. आपसे भी अनुरोध है कि ऐसे रचनाकारों के विषय में जानकारी दें..  जिससे काम शुरू कर सकूं...आपका सहयोग अपेक्षित है. मैं अपनी लम्बी कविताओं की किताब पर भी काम कर रही हूं...साथ ही अब इस पर भी काम शुरु करना चाहती हूं...विस्तार नीचे है....

कहानी ब्लॉग--
3000 शब्द की कहानी के लिए-- 5000 रु.
5000 ....................................... 7500...
6500......................................... 9000...
8000 तक के शब्दों की कहानी.....12000...

कविता ब्लॉग--
5 रचनाएं.............6000 रु.
6 से 10 रचनाएं.....9000...
इसमें आपको 25 प्रतियां दी जाएंगी.

जब रचनाओं का कार्य पूरा हो जाएगा तब आपको रुपयों के लिए सूचित कर दिया जाएगा. उसके बाद जो रायल्टी मिलेगी वो सभी रचनाकारों में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी.

मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012

मित्रों कल मेरे काव्य संग्रह 'मचलते ख्वाब' और रश्मि प्रभा जी के संपादन में संपादित 'अनुगूंज' और 'खामोश खामोशी और हम' का विमोचन हुआ. आज विभिन्न समाचार पत्रों में उसकी विस्तृत खबर छपी....







शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2012



प्रिय मित्रों,
नमस्कार।

काफी लम्बे अंतराल बाद आपसे मुखातिब हूं. दो बातें हैं जो आपसे साझा करनी हैं.
पहली ये कि रांची में 8 अक्टूबर को सायं 5 बजे विकास भारती सभागार में मेरे काव्य संग्रह मचलते ख्वाब का और दो अन्य कविता संग्रहों जिनमें मेरी भी कविताएं संकलित हैं, का विमोचन होगा. जिसकी अध्यक्षता करेंगे श्री हरिवंश जी प्रधान संपादक प्रभात खबर व मुख्य अतिथि होंगे मुख्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा जी. आप सभी मित्र आमंत्रित हैं. उसका कार्ड भी संलग्न है.....




दूसरी बात है कि वर्ष 2012 अब समाप्ति की ओर है. हम सभी ने अपने-अपने ब्लॉग पर तमाम कविताएं और कहानियां लिखी हैं. कुछ मित्रों की सलाह पर 2012 की इन रचनाओं को एक दस्तावेज के तौर पर संपादित करने की सहकारी योजना है इस तरह की एक पुस्तक कविता की होगी और एक कहानी की. इनका प्रकाशन 2013 में होगा फरवरी के अंत तक. इसलिए इन पुस्तकों का नाम होगा--कहानी ब्लॉग 2013 व कविता ब्लॉग 2013
इसमें 2012 में पोस्ट की गईं रचनाओं में से ही कुछ रचनाएं चुनी जाएंगी. इसमें शामिल होने के लिए रचनाएं आमंत्रित हैं. अपना मेल आई डी व ब्लॉग लिंक जरूर भेजिए....



सहयोग...

कहानी ब्लॉग--
3000 शब्द की कहानी के लिए-- 5000 रु.
5000 ....................................... 7500...
6500......................................... 9000...
8000 तक के शब्दों की कहानी.....12000...

कविता ब्लॉग--
5 रचनाएं.............6000 रु.
6 से 10 रचनाएं.....9000...
इसमें आपको 25 प्रतियां दी जाएंगी.

अगर आप पुस्तकों की इस योजना में शामिल होना चाहते हैं तो 31 अक्टूबर तक जरूर अवगत करा दें. हम आपसे बाद में सम्पर्क करेंगे.





शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

बेबस मन..........वीना....

आजकल  
भागता है मन 
तुम्हारी तरफ
अधिकार नहीं रहा
स्वयं पर
प्रत्येक क्षण
मिलने की प्रबल इच्छा
तुम्हें देखने की चाहत
तुम्हारी बाहों में 
स्वयं को पाने का आभास
जानती हूं
सम्भव नहीं यह
जो सम्भव नहीं
मन क्यों भागता है 
उसी तरफ
क्यों चाहता है तोड़ना
सारे बंधन
क्यों चाहता है उड़ना
स्वच्छंद
गगन में
निश्चित रूप से
मन की डोर है
तुम्हारे हाथों में
तुम्हारे संग 
चल रही हूं
अनजानी डगर पर
अनजान पड़ाव की तरफ

बुधवार, 13 जुलाई 2011

पुस्तकें.............वीना....

ज्ञान का भंडार हैं
ये पुस्तकें
बंद है
हमारा भविष्य इनमें
नन्हें हाथों की शक्ति
आने वाले कल की 
तस्वीर है इनमें
इन्हें खोले और
गहराई में उतरे बिना
हम नहीं कर सकते
अपने कल का निर्माण
कल के
सवालों के उत्तर
मिलेंगे
यहां-वहां बिखरी
सजी किताबों में
लेकिन हमारे पास
समय कहां है
हम तो उलझे हैं
शार्ट कट में
किताबों के  लेन-देन से
पनपने वाले रिश्ते
सिमट गये हैं इंटरनेट में 
अब कोई नहीं मिलता
किताबों के बहाने
प्यार नहीं पनपता
पुस्तकालयों में
यादें नहीं सहेजी जातीं
सूखे फूलों में
नहीं रखी जाती
चिट्ठियां
अपनों के लिए
नहीं बनते फसाने
प्यार के
नहीं सजते सुर
संगीत के
क्योंकि
हम होते जा रहे हैं दूर
पढऩे की आदत से